रांची: पुलिस ने झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता पर हुए जानलेवा हमले के मामले का सफल उद्भेदन करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हमले को अंजाम देने वाला मुख्य शूटर और अधिवक्ता का चचेरा भाई शामिल है, जिस पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना 1 अक्टूबर 2024 को रातु थाना क्षेत्र में हुई थी। झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता बब्बन प्रसाद ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि वह मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान दूसरी बाइक पर सवार दो अपराधियों ने उनका पीछा किया और उन पर कई राउंड फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में रातु थाना कांड संख्या 326/24 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
मामले की समीक्षा के बाद एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में डीएसपी (मुख्यालय-2) अजय आर्यण की अगुवाई में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने मुख्य शूटर गुलशन कुमार विश्वकर्मा और साजिशकर्ता अनुज कुमार महतो को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि अनुज कुमार महतो, घायल अधिवक्ता बब्बन प्रसाद का चचेरा भाई है। पलामू जिले में पैतृक जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते अनुज ने अधिवक्ता की हत्या की साजिश रची और शूटर गुलशन कुमार विश्वकर्मा को सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलाने की योजना बनाई।
पुलिस ने बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल और मोटरसाइकिल पहले ही बरामद की जा चुकी थी। 1 दिसंबर 2024 को चैनपुर थाना क्षेत्र में दर्ज एक अन्य आपराधिक मामले की जांच के दौरान यह हथियार और बाइक कुख्यात सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े अपराधियों के कब्जे से जब्त किए गए थे।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और इस साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।