रांची: सावन माह में ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। रांची के उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजन्त्री ने पहाड़ी मंदिर का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
ग्लास और धातु की पूजन सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध
सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर में शीशे (ग्लास) और धातु (मेटल) से बनी किसी भी प्रकार की पूजन सामग्री या बर्तन के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। उपायुक्त ने मंदिर के आसपास के दुकानदारों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे श्रद्धालुओं को शीशे या धातु के बर्तनों में कोई भी सामग्री न बेचें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर दिए गए विशेष निर्देश
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल, स्वच्छ शौचालय, निर्बाध बिजली आपूर्ति और सीढ़ियों पर बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई तथा आपातकालीन सुविधाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
क्राउड मैनेजमेंट और ट्रैफिक व्यवस्था होगी और मजबूत
सावन में भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन मिलकर विशेष क्राउड मैनेजमेंट प्लान तैयार कर रहे हैं। इसके तहत सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण, बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना से बचा जा सके।
‘श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा है। सावन के दौरान पहाड़ी मंदिर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सुगम दर्शन सुनिश्चित कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं।