चार साल बाद मिला इंसाफ, हिरासत में मौत मामले में नक्सली नंदकिशोर महतो के परिवार को 5 लाख की सहायता

Mahak Kumari
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now
YouTube Channel Subscribe

हजारीबाग: जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र से जुड़े चर्चित हिरासत मौत मामले में चार साल बाद मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता साफ हो गया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर मृतक नंदकिशोर महतो की पत्नी फूल कुमारी को पांच लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह निर्णय राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की अनुशंसा के बाद लिया गया है।

गौरतलब है कि 26 अप्रैल 2022 को नंदकिशोर महतो का शव पुलिस हिरासत के दौरान फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला था। घटना के बाद मामला काफी चर्चा में रहा और इसकी जांच सीआईडी को सौंपी गई थी।

क्या था मामला?

बड़कागांव निवासी नंदकिशोर महतो पर पीएलएफआई के नाम पर रंगदारी वसूली और नक्सली गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे। पुलिस के अनुसार, कोयला खनन कार्य में लगी कंपनियों और कई ठेकेदारों से रंगदारी मांगने के मामलों में उसका नाम सामने आया था। इसी सिलसिले में हजारीबाग पुलिस की एसआईटी ने उसे हिरासत में लिया था।

हिरासत के दौरान उसे सिलवार स्थित पुलिस कार्यालय में रखा गया था। बताया गया कि पूछताछ के बीच उसने शौचालय जाने की अनुमति मांगी थी। कुछ देर बाद उसका शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना के बाद पुलिस ने मुफस्सिल थाना में यूडी (अप्राकृतिक मृत्यु) का मामला दर्ज किया था।

अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की अनुशंसा पर गृह विभाग ने हजारीबाग उपायुक्त को मृतक की पत्नी को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह कदम हिरासत में हुई मौत के मामले में पीड़ित परिवार को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *