रांची: JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर झारखंड में छात्रों का आक्रोश अब सड़क से विधानसभा तक पहुंच गया है। शुक्रवार को हजारों अभ्यर्थियों ने रांची में विधानसभा मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान अचानक उस वक्त माहौल बिगड़ गया, जब AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने स्याही फेंक दी। स्याही फेंके जाने के बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत युवक को पकड़ लिया और हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर युवक ने किस वजह से यह कदम उठाया।
पोस्टर-तख्तियों के साथ सड़कों पर उतरे छात्र
भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अनियमितता और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के आसपास जुटे। इसके बाद प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर बढ़े। छात्रों के हाथों में पोस्टर, बैनर और तिरंगा था। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित गड़बड़ियों की जांच कराने और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।
कई छात्र संगठनों ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन में AISA के अलावा SFI, AISF, रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। राज्य के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने सरकार से भर्ती परीक्षाओं को लेकर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई की मांग की।
दिल्ली के बाद झारखंड में आंदोलन की कमान
नेहा बोरा हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों की मांगों को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। इसके बाद वह झारखंड के छात्रों के आंदोलन में समर्थन देने रांची पहुंचीं।प्रदर्शन के दौरान उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
स्याही फेंकने वाले युवक से पूछताछ
विधानसभा मार्च के दौरान हुई घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटना के पीछे की वजह के साथ-साथ यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक प्रदर्शन में किस तरह शामिल हुआ। उधर, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि किसी एक घटना से उनकी मांगें खत्म नहीं होंगी। JPSC-JSSC की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया है।