झारखंड पुलिस में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का बढ़ा दायरा, एक और डीआईजी ने किया आवेदन; दो वरिष्ठ IPS अधिकारियों को गृह मंत्रालय की मंजूरी

Mahak Kumari
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रांची: झारखंड पुलिस महकमे से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले आईपीएस अधिकारियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में 2011 बैच के एक डीआईजी रैंक के अधिकारी ने भी केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन सौंप दिया है। इस नए आवेदन के बाद राज्य पुलिस मुख्यालय में एक बार फिर बड़े प्रशासनिक फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारी के आवेदन को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। यदि केंद्र सरकार से मंजूरी मिलती है तो झारखंड पुलिस के कई महत्वपूर्ण पदों पर नई तैनाती की जरूरत पड़ेगी। इससे पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर तबादले और पदस्थापन की संभावना भी बढ़ गई है।

इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने झारखंड कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को औपचारिक स्वीकृति दे दी है। आईजी प्रशिक्षण ए. विजयालक्ष्मी को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में आईजी के पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं, सीआईडी में डीआईजी के रूप में कार्यरत चंदन कुमार झा को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में डीआईजी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

दोनों अधिकारी राज्य सरकार से कार्यमुक्त होने के बाद नई दिल्ली में अपनी नई जिम्मेदारियां संभालेंगे। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अधिकारियों की सूची में इन दोनों नामों के जुड़ने से झारखंड पुलिस के वरिष्ठ स्तर पर रिक्तियां और बढ़ जाएंगी।

इससे पहले एडीजी सुमन गुप्ता को भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए राज्य सरकार की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया जा चुका है। पिछले कुछ समय से झारखंड कैडर के कई वरिष्ठ अधिकारी केंद्र सरकार के विभिन्न सुरक्षा बलों और एजेंसियों में अपनी सेवाएं देने के लिए चयनित हुए हैं।

लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के कारण राज्य पुलिस में कई अहम पद खाली होने की स्थिति बन रही है। इसे देखते हुए राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय संभावित रिक्तियों को भरने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। विभागीय स्तर पर नए पदस्थापन और प्रशासनिक पुनर्गठन की कवायद भी तेज होने की संभावना है।

अब सभी की नजर 2011 बैच के डीआईजी रैंक के अधिकारी के आवेदन पर टिकी है। यदि उनके नाम को भी केंद्र सरकार की मंजूरी मिलती है, तो झारखंड पुलिस महकमे में एक और बड़े प्रशासनिक फेरबदल का रास्ता साफ हो सकता है।

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