रांची: झारखंड के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की मांग के अनुरूप विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार की योजना है कि सरकारी ITI को अत्याधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर के रूप में तैयार किया जाए, जिससे यहां प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को उद्योगों में बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें। इस पूरी पहल में निजी उद्योगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
हब-एंड-स्पोक मॉडल पर होगा विस्तार
नई योजना के तहत सरकारी ITI को हब-एंड-स्पोक मॉडल से जोड़ा जाएगा। देशभर में चयनित 1,000 सरकारी ITI में 200 को हब संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। इन हब ITI में आधुनिक मशीनें, एडवांस लैब और नई तकनीक से लैस प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रत्येक हब ITI से औसतन चार स्पोक ITI जुड़े रहेंगे, ताकि आसपास के संस्थानों को भी बेहतर संसाधनों और प्रशिक्षण का लाभ मिल सके।
नई तकनीकों पर आधारित कोर्स होंगे शुरू
योजना के तहत हब ITI में औसतन चार और स्पोक ITI में दो नए रोजगारोन्मुखी कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों को इंडस्ट्री 4.0 की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। साथ ही वर्तमान ट्रेडों के सिलेबस को भी आधुनिक तकनीक के अनुरूप अपडेट किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकें।
शॉर्ट-टर्म और प्रोफेशनल ट्रेनिंग पर भी जोर
सरकार युवाओं के साथ-साथ कामकाजी पेशेवरों के लिए भी कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध कराएगी। इसके तहत 3 से 6 महीने के शॉर्ट-टर्म कोर्स, डिप्लोमा प्रोग्राम और एग्जीक्यूटिव एजुकेशन कोर्स शुरू करने की योजना है। इसका उद्देश्य युवाओं को बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार के लिए अधिक सक्षम बनाना है।