Ranchi: रिम्स की अधिग्रहित जमीन की कथित अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े मामले में एसीबी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। लगभग सात एकड़ जमीन के फर्जी हस्तांतरण के आरोपों का सामना कर रहे प्रमोद कुमार महतो के खिलाफ जांच एजेंसी ने अदालत से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त कर लिया है। इसके बाद प्रमोद महतो ने अग्रिम जमानत के लिए विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
गुरुवार को रांची स्थित एसीबी की विशेष अदालत में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने एसीबी द्वारा प्रस्तुत केस डायरी का अध्ययन किया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 जून की तारीख तय की।
एसीबी की जांच में सामने आया है कि प्रमोद कुमार महतो जमीन कारोबार से जुड़ा हुआ है और रिम्स की विवादित भूमि के सौदों में इस्तेमाल की गई पावर ऑफ अटॉर्नी उसके नाम पर थी। वारंट जारी होने के बाद से उसकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई की आशंका को देखते हुए वह फिलहाल जांच एजेंसियों की पहुंच से बाहर है।
इस मामले की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। एसीबी ने कांड संख्या 1/2026 दर्ज करते हुए 16 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को भी जांच के घेरे में रखा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अधिग्रहित सरकारी जमीन के कथित फर्जीवाड़े में किन-किन लोगों की संलिप्तता रही है।