झारखंड राजस्व पर्षद की सख्ती: डबल भाषा विकल्प चुनने वालों पर कार्रवाई तय, 18 मई तक सुधार का आखिरी मौका

Mahak Kumari
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Ranchi: झारखंड राजस्व पर्षद ने विभागीय और जनजातीय भाषा परीक्षा में शामिल होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी जारी की है. पर्षद ने साफ कर दिया है कि जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन के दौरान एक से अधिक जनजातीय भाषाओं का चयन किया है, उनका आवेदन रद्द किया जा सकता है.

केंद्रीय परीक्षा समिति द्वारा द्वितीय अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2025 और प्रथम अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026 के आवेदनों की जांच के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आई हैं. जांच में पाया गया कि अनेक परीक्षार्थियों ने नियमों के विरुद्ध जाकर एक से अधिक भाषाओं का विकल्प चुन लिया है. इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए पर्षद ने संबंधित अभ्यर्थियों को 18 मई तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है.

18 मई तक करें सुधार

पर्षद के अनुसार, जिन उम्मीदवारों से यह गलती हुई है, उन्हें 18 मई तक अपना स्पष्टीकरण भेजना अनिवार्य होगा. इसके लिए अभ्यर्थियों को पर्षद की ईमेल आईडी पर आवेदन भेजना होगा और साथ ही राजस्व पर्षद कार्यालय में भौतिक रूप से आवेदन जमा कर यह बताना होगा कि वे किस एक जनजातीय भाषा की परीक्षा देना चाहते हैं.

निर्धारित तिथि के बाद किसी भी ईमेल या आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा. पर्षद ने स्पष्ट किया है कि 18 मई के बाद पोर्टल और आवेदन प्रक्रिया दोनों बंद कर दिए जाएंगे.

लिपिकों को भी मिला प्रोफाइल सुधारने का अवसर

जिला, अनुमंडल और अन्य कार्यालयों में कार्यरत लिपिकों के लिए भी यह राहत भरी खबर है. जिन लिपिकों की लेखा परीक्षा प्रोफाइल में त्रुटियां हैं या जिन्हें अपनी जानकारी अपडेट करनी है, वे भी 18 मई तक सुधार कर सकते हैं. तय समय सीमा के बाद किसी प्रकार का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा.

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