रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने चांडिल-टाटा रेलखंड पर यात्री ट्रेनों की लगातार देरी को लेकर केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ कहा कि मालगाड़ियों को प्राथमिकता देकर यात्री सेवाओं की अनदेखी करना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है.
सीएम ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से इस रेलखंड की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब इसी ट्रैक पर मालगाड़ियां बिना बाधा के चल रही हैं, तो यात्री ट्रेनों को घंटों इंतजार क्यों करना पड़ रहा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या झारखंड के आम लोगों—खासकर श्रमिकों, छात्रों और नौकरीपेशा वर्ग—के समय की कोई कीमत नहीं है?
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से तीन अहम मांगें रखी हैं. पहली, चांडिल-टाटा सेक्शन में यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाए. दूसरी, इस क्षेत्र में लंबित रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए. और तीसरी, ट्रेनों की देरी की समस्या का स्थायी समाधान जल्द सुनिश्चित किया जाए.
उन्होंने कहा कि इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर उन हजारों दैनिक यात्रियों पर पड़ रहा है, जिनकी आजीविका रेल सेवा पर निर्भर है. सीएम ने दो टूक कहा कि झारखंड के लोगों की सुविधा और सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.