हिमांशु सिंह हत्याकांड: भाजपा नेता नीरज सिंह राजस्थान से गिरफ्तार, ओडिशा से मैनेजर भी हिरासत में

Mahak Kumari
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रांची/जमशेदपुर: जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले के नामजद आरोपी, डीडी बार के संचालक और भाजपा नेता नीरज सिंह को राजस्थान के सीकर जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, डीडी बार के मैनेजर विजय कुमार को ओडिशा से हिरासत में लिया गया है। दोनों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश तेज कर रही है।

पुलिस के अनुसार, नीरज सिंह अपने बेटे के साथ खाटू श्याम मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान मोबाइल सर्विलांस के जरिए उनकी लोकेशन ट्रेस की गई। जमशेदपुर पुलिस की एसआईटी ने सीकर पुलिस के सहयोग से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि सोमवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत में सुनवाई भी प्रस्तावित थी।

जांच के दौरान पुलिस ने मानगो स्थित नीरज सिंह के आवास पर छापेमारी कर लगभग 3.5 करोड़ रुपये मूल्य की एक लग्जरी कार समेत दो वाहन जब्त किए थे। इसके अलावा कोलकाता, बेंगलुरु और अन्य राज्यों में भी संभावित ठिकानों पर लगातार कार्रवाई की गई।

यह मामला 27 जून की रात डीडी बार में हुए विवाद से जुड़ा है। मृतक हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह की शिकायत पर बिष्टुपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि विवाद के बाद हिमांशु सिंह, प्रत्युष आनंद और उनके साथियों पर कुल्हाड़ी, चाकू और चापड़ जैसे धारदार हथियारों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की 29 जून को Tata Main Hospital में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि घायल प्रत्युष आनंद का इलाज Apollo Multispeciality Hospitals में जारी है।

प्राथमिकी में नीरज सिंह, विजय कुमार, सोनू राम सरदार, विश्वनाथ मंडल, राहुल, राज लोहार और अमित लोहार समेत कई लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस अब तक तीन नाबालिगों सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि, मामले का कथित मुख्य आरोपी और दो लाख रुपये का इनामी शूटर विश्वनाथ मंडल अभी भी फरार है।

नीरज सिंह और विजय कुमार की गिरफ्तारी के बाद एएसपी ऋषभ द्विवेदी के नेतृत्व में एसआईटी की बैठक हुई, जिसमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नई रणनीति बनाई गई। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और निष्पक्ष जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।

(नोट: मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।)

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