रांची: राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नामांकन स्वीकार होने के बाद झारखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। महागठबंधन के नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर नामांकन जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे निष्पक्ष नहीं बताया।
महागठबंधन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि नामांकन पत्रों की जांच के दौरान उठाई गई आपत्तियों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। उनका कहना था कि जिन बिंदुओं को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी, उनकी स्वतंत्र और पारदर्शी जांच होनी चाहिए थी। गठबंधन नेताओं ने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी की गई, जिससे निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न हुआ है।
प्रेस वार्ता में नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि उम्मीदवारों के नामांकन से जुड़ी आपत्तियों का संतोषजनक समाधान नहीं किया जाता है, तो इससे जनता का भरोसा प्रभावित होता है।
हालांकि, निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा नामांकन पत्रों की जांच के बाद परिमल नाथवानी के नामांकन को वैध माना गया और उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी गई है। इसके बाद महागठबंधन ने अपने विरोध को सार्वजनिक रूप से दर्ज कराते हुए मामले को आगे भी उठाने की बात कही है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की सियासत लगातार गर्म बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।