Ranchi: झारखंड की दो सबसे बड़ी भर्ती एजेंसियां JPSC और JSSC इन दिनों गंभीर विवादों के केंद्र में हैं। एक ओर JPSC की कई पुरानी नियुक्ति परीक्षाएं सीबीआई जांच के दायरे में हैं, तो दूसरी ओर हालिया परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, OMR विवाद और चयन प्रक्रिया पर उठे सवालों ने लाखों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है। JPSC की पहली और दूसरी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा समेत 11 भर्ती मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। इन मामलों में मेरिट सूची में हेरफेर, उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। हाल ही में 14वीं सिविल सेवा पीटी और बैकलॉग परीक्षा के परिणामों को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद आयोग ने मुख्य परीक्षा पर रोक लगा दी है। वहीं JSSC भी लगातार विवादों में घिरा हुआ है। JSSC-CGL परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों से लेकर हाल में आयोजित फील्ड वर्कर परीक्षा में दूर-दराज केंद्र आवंटन, समय पर एडमिट कार्ड नहीं मिलने और प्रश्नपत्र की त्रुटियों को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं। सचिवालय आशुलिपिक परीक्षा भी प्रशासनिक कारणों से रद्द होने के बाद हजारों अभ्यर्थियों को झटका लगा।
इन घटनाओं के बाद प्रतियोगी छात्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें जांच एजेंसियों और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।