रांची: झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन सरकार ने सदन में अपना विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) पेश किया। संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा प्रस्तुत इस रिपोर्ट में 18 फरवरी 2026 से 18 मार्च 2026 के बीच सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में किए गए कार्यों और फैसलों का ब्यौरा दिया गया। रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई, JPSC-JSSC की भर्ती प्रक्रिया, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), ग्रामीण सड़क और पुल निर्माण तथा पेयजल योजनाओं की प्रगति को प्रमुखता से रखा गया।
भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई का ब्योरा
सरकार ने बताया कि तत्कालीन झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड (JSEB) के अधिकारियों के खिलाफ लंबे समय से लंबित मामलों में कार्रवाई की गई है। वित्त सचिव की अध्यक्षता में गठित त्रिसदस्यीय समिति की अनुशंसा पर कुल पांच अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी के निधन के कारण विभागीय कार्रवाई समाप्त कर दी गई, जबकि एक अधिकारी के खिलाफ पेंशन कटौती का मामला हाईकोर्ट में लंबित है। दो अधिकारियों को विभागीय समीक्षा के बाद आरोपमुक्त कर दिया गया है। वहीं एक अन्य अधिकारी के मामले में अंतिम निर्णय अभी लंबित है। इसके अलावा न्यायिक प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले छह अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई जारी है।
भर्ती प्रक्रिया में तेजी का दावा
सरकार ने सदन को बताया कि विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने के लिए मिशन मोड में काम किया जा रहा है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के माध्यम से वर्ष 2020 से अब तक 3,377 पदों पर नियुक्ति की अनुशंसा की जा चुकी है। वर्तमान में 798 पदों के लिए विज्ञापन जारी हैं, जबकि 847 नए पदों पर विज्ञापन प्रकाशित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
वहीं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने वर्ष 2019 से अब तक 39,687 पदों पर नियुक्ति की अनुशंसा की है। इसके अलावा 20,206 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है और 1,759 पदों पर जल्द विज्ञापन जारी किए जाएंगे।
किसानों को MSP और बोनस का लाभ
सरकार ने बताया कि खरीफ विपणन मौसम में किसानों को सामान्य धान पर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल MSP के साथ 81 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। यानी किसानों को कुल 2,450 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है।
31 मार्च 2026 तक राज्य के 850 धान खरीद केंद्रों के माध्यम से 49.25 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि जिला स्तर पर गठित समितियां किसानों की सुविधा के अनुसार खरीद केंद्रों का चयन कर पारदर्शी तरीके से खरीद सुनिश्चित कर रही हैं।
ग्रामीण सड़कों और पुलों के निर्माण में प्रगति
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एक से पांच करोड़ रुपये तक की 794 योजनाओं में से 753 योजनाओं की निविदा पूरी हो चुकी है। शेष योजनाएं तकनीकी मूल्यांकन, पुनर्निविदा या अन्य विभागों को हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया में हैं।
पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 41 बड़ी परियोजनाओं में से 19 योजनाओं का टेंडर पूरा हो चुका है, जबकि बाकी योजनाओं की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना में भी अधिकांश लंबित कार्यों को तेजी से पूरा किए जाने का दावा किया गया।
ग्रामीण पेयजल व्यवस्था होगी और मजबूत
रिपोर्ट में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्वीकृत 43,510 नलकूपों में से 37,896 नलकूपों का अधिष्ठापन किया जा चुका है।
इसके अलावा वर्ष 2026-27 में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट दूर करने के लिए 263 प्रखंडों में 7,890 नए चापाकल लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनमें कुछ चापाकल जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा पर तथा शेष स्थानीय जरूरत के आधार पर लगाए जाएंगे।
सरकार ने पेश किया विकास और कार्रवाई का दावा
सदन में पेश एक्शन टेकन रिपोर्ट के माध्यम से सरकार ने दावा किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई, सरकारी भर्तियों में तेजी, किसानों को आर्थिक सहायता, ग्रामीण आधारभूत संरचना के विस्तार और पेयजल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि लंबित योजनाओं को भी तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्रवाई की जा रही है।