रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। गुरुवार को धरना-प्रदर्शन का छठा दिन रहा, जहां राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों छात्र राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे रहे। बारिश और अन्य चुनौतियों के बावजूद अभ्यर्थियों का उत्साह कम नहीं हुआ और वे अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज बुलंद कर रहे हैं।
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई केवल किसी एक परीक्षा की नहीं, बल्कि राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य और रोजगार के अधिकार की है। उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं का भरोसा तोड़ा है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना स्थल से छात्र नेताओं ने दोहराया कि आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक रहेगा और इसका संचालन केवल अभ्यर्थी करेंगे। किसी भी राजनीतिक दल को मंच साझा करने या नेतृत्व करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, छात्रों ने कहा कि जो सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दल उनकी मांगों का समर्थन करना चाहते हैं, उनका नैतिक समर्थन स्वीकार किया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग फिर दोहराई। उनका कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक युवाओं का विश्वास बहाल नहीं हो पाएगा। छात्रों ने सरकार से परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। आजसू पार्टी ने छात्रों की मांगों के समर्थन में राजभवन मार्च और घेराव कार्यक्रम की घोषणा की है। पार्टी नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर वे छात्रों के साथ खड़े हैं और उनकी जायज मांगों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। इससे आंदोलन को और अधिक मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।