हजारीबाग: में प्रेस वार्ता कर सरकार को घेरा- झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। हजारीबाग सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में सामने आ रही जानकारियां बेहद चिंताजनक हैं और इससे हजारों युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
मरांडी ने कहा कि हाल के दिनों में हुई कार्रवाई और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों से यह आशंका मजबूत हुई है कि भर्ती परीक्षाओं में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले विशेष स्थानों पर ले जाकर तैयारी कराई गई और उन्हें संभावित प्रश्नों की जानकारी दी गई। उनके अनुसार, कई सवालों के मेल खाने की चर्चा से पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।
CID जांच पर जताया संदेह
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मामले की जांच केवल CID के भरोसे छोड़ना पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि इतने बड़े और संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी CBI को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी दोषी को बचने का मौका न मिले।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
बाबूलाल मरांडी ने मांग की कि JPSC और JSSC से जुड़े उन सभी अधिकारियों, बिचौलियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच हो, जिन पर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप है। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ हुए कथित अन्याय के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्र आंदोलन के समर्थन का ऐलान
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ भारतीय जनता पार्टी मजबूती से खड़ी है। पार्टी युवाओं की आवाज को उठाती रहेगी और निष्पक्ष जांच की मांग करती रहेगी।