चतरा: चतरा पुलिस ने कोयला क्षेत्र में बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए कुख्यात अपराधी राहुल दुबे गैंग के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ये अपराधी कोयला खदानों और साइडिंग में फायरिंग कर दहशत फैलाने और ठेकेदारों से लेवी वसूलने की तैयारी में थे। समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी घटना टल गई।

गुप्त सूचना पर बिछाया जाल
वरीय पुलिस अधिकारियों को सूचना मिली थी कि राहुल दुबे के निर्देश पर उसके गुर्गे टंडवा और पिपरवार इलाके में सक्रिय हैं। गैंग के सदस्य कोयला खदानों, साइडिंग और संवेदनशील स्थानों की रेकी कर रहे थे और जल्द ही फायरिंग व आगजनी जैसी घटना को अंजाम देने वाले थे। सूचना के बाद एसडीपीओ टंडवा प्रभात रंजन बरबार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की गई।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे राहुल दुबे के इशारे पर रामगढ़ के बरकाकाना और कुज्जू, हजारीबाग के केरेडारी और चरही, चतरा के आम्रपाली, पिपरवार के अशोका माइंस और राजधर साइडिंग तथा रांची के खेलारी क्षेत्र की रेकी कर चुके थे। उनकी योजना इन इलाकों में फायरिंग और आगजनी कर कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में दहशत फैलाने की थी।
हथियारों का जखीरा बरामद
पुलिस ने तीनों अपराधियों के पास से एक देशी पिस्टल, एक देशी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल (JH-08H-3055) बरामद की है।
तीनों आरोपी अलग-अलग जिलों के
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोमिया (बोकारो) निवासी संजय मूर्ति, बोकारो स्टील सिटी निवासी आलोक कुमार सिंह और केरेडारी (हजारीबाग) निवासी अजय करमाली के रूप में हुई है।
मामला दर्ज, गैंग के सरगना की तलाश जारी
पिपरवार थाना में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब राहुल दुबे समेत गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।