रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के परिणामों में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इस पूरे मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जेपीएससी के चेयरमैन एल. खियांग्ते ने मंगलवार देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच शुरू की है।
सूत्रों के अनुसार, जेपीएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों, अभ्यर्थियों की शिकायतों और राजनीतिक दबाव के बीच यह फैसला लिया गया है। सीआईडी की कार्रवाई के बाद आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं, जिसके चलते प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
मंगलवार को सीआईडी की टीम ने झारखंड पुलिस के सहयोग से जेपीएससी कार्यालय पहुंचकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया था। इस दौरान पूछताछ के लिए आठ लोगों को भी डिटेन किया गया था। माना जा रहा है कि जांच एजेंसियां परीक्षा प्रक्रिया, मूल्यांकन और परिणाम प्रकाशन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं।
एल. खियांग्ते के इस्तीफे को इस पूरे प्रकरण में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे के आधिकारिक कारणों को लेकर अभी तक कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। सरकार की ओर से भी इस मामले पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से जेपीएससी की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं के परिणामों को लेकर अभ्यर्थी लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने भी पारदर्शिता की मांग करते हुए जांच की मांग की थी। अब चेयरमैन के इस्तीफे और सीआईडी की सक्रियता ने इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।
फिलहाल, सभी की निगाहें राज्य सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।