हजारीबाग: अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। CISF की NTPC-CMP हजारीबाग इकाई की टीम ने बड़कागांव थाना क्षेत्र के ग्राम चपरी स्थित एक सुदूर वन क्षेत्र में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध रूप से जमा किया गया कोयला बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान कुल 113.32 टन अवैध कोयला जब्त किया गया।
50 किलोमीटर दूर दुर्गम इलाके में पहुंची टीम
CISF को अवैध कोयला भंडारण की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने इकाई से करीब 50 किलोमीटर दूर चपरी गांव के दुर्गम और वन क्षेत्र में अभियान चलाया। काफी तलाश के बाद टीम को एक संदिग्ध स्थान पर बड़ी मात्रा में कोयला जमा मिला। इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए पर्याप्त संख्या में CISF जवानों को अभियान में लगाया गया और पूरे क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई।
5 हाईवा से NTPC कांटा घर पहुंचाया गया कोयला
मौके से बरामद कोयले को पांच हाईवा वाहनों में लादकर NTPC के कांटा घर तक पहुंचाया गया। वहां वजन कराने पर कोयले की कुल मात्रा 113.32 टन पाई गई। इसके बाद जब्त कोयले को NTPC के स्टॉकर-रीक्लेमर क्षेत्र में सुरक्षित तरीके से डंप कर दिया गया।
वरिष्ठ कमांडेंट के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
पूरे अभियान का नेतृत्व CISF के वरिष्ठ कमांडेंट विवेक शर्मा ने किया। कार्रवाई के दौरान उप कमांडेंट सुरेश जी और सहायक कमांडेंट संजीव कुमार मीणा समेत CISF के अन्य जवान मौजूद रहे। दुर्गम वन क्षेत्र में टीम ने काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया और अवैध कोयला भंडारण स्थल का पता लगाया।
अवैध कोयला कारोबार पर CISF की पैनी नजर
इस कार्रवाई के बाद CISF ने संकेत दिया है कि अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विशेष रूप से सुदूर और वन क्षेत्रों में बनाए गए अवैध कोयला भंडारण केंद्रों पर सुरक्षा बल की निगरानी बढ़ाई जा रही है।
CISF के मुताबिक, सरकारी और राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
संशोधित खनिज कानून के तहत कार्रवाई
CISF ने बताया कि यह कार्रवाई खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के संशोधित प्रावधानों के तहत उपलब्ध वैधानिक अधिकारों के अनुसार की गई है। बल ने अवैध कोयला कारोबार पर रोक लगाने और राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी अभियान जारी रखने की बात कही है।