Ranchi: झारखंड सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) की नियमावली में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने भाषाई ढांचे की समीक्षा और आवश्यक बदलाव के लिए पांच मंत्रियों की हाई-पावर कमेटी गठित की है. कार्मिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि विभिन्न जिलों के लिए निर्धारित भाषाओं की सूची में संशोधन, नई भाषाओं को जोड़ने अथवा कुछ भाषाओं को हटाने जैसे मुद्दों पर समिति विचार करेगी.
सरकार द्वारा गठित इस समिति का समन्वयक वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को बनाया गया है. वहीं श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेन्द्र प्रसाद और नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार को समिति का सदस्य बनाया गया है.
सरकार का मानना है कि जेटेट में क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं को लेकर लंबे समय से विभिन्न पक्षों की ओर से मांग और सुझाव सामने आ रहे थे. ऐसे में व्यापक विचार-विमर्श के बाद संतुलित निर्णय लेने के उद्देश्य से यह हाई-पावर कमेटी बनाई गई है.
समिति के संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को दी गई है. यह विभाग बैठक आयोजित करने के साथ-साथ समिति को आवश्यक दस्तावेज और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा. अधिसूचना के अनुसार समिति अपनी रिपोर्ट जल्द सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।