गिरिडीह: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड से आई एक तस्वीर ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और एम्बुलेंस सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक बीमार महिला को अस्पताल ले जाने के लिए समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली, जिसके बाद परिजनों ने खटिया के सहारे महिला को अस्पताल पहुंचाया।
मामला गिरिडीह के डलूवाड़ीह थाना क्षेत्र अंतर्गत मधुबन शिखरजी, पीरटांड़ का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सुनीता सोरेन नामक महिला की अचानक तबीयत खराब हो गई। परिजनों ने एम्बुलेंस सेवा से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सहायता नहीं मिल पाई। ऐसे में परिवार और गांव के लोगों ने मिलकर खटिया को ही सहारा बनाया और महिला को उसी पर लादकर अस्पताल के लिए रवाना हुए।
ग्रामीण क्षेत्र से सामने आई यह घटना अब चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों को लेकर लोग सरकार और स्वास्थ्य विभाग से सवाल पूछ रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावों के बावजूद दूरदराज के इलाकों में आज भी मरीजों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और विभागीय मंत्री इरफान अंसारी के दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जरूरत के समय एम्बुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होने से गरीब और ग्रामीण परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।