रांची: झारखंड के विभिन्न जिलों में सामने आए बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले की जांच अब महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। मामले की गहराई से पड़ताल करने के लिए सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने सात आरोपियों को रांची स्थित कार्यालय में तलब किया है। सभी आरोपियों से कड़ी सुरक्षा के बीच पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ का मुख्य उद्देश्य सरकारी खजाने से कथित रूप से निकाली गई राशि के उपयोग और उसके निवेश संबंधी पहलुओं की जानकारी जुटाना है। एसआईटी यह भी पता लगाने में जुटी है कि धनराशि को किन खातों या माध्यमों के जरिए इधर-उधर किया गया और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
दो दिनों तक चलेगा सवाल-जवाब का दौर
सूत्रों का कहना है कि आरोपियों से लगातार दो दिनों तक विस्तृत पूछताछ की जाएगी। इस दौरान उनके बयानों का मिलान पहले से जुटाए गए दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड से किया जाएगा। जांच टीम मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों और संभावित लाभार्थियों की जानकारी भी जुटा रही है।
पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
प्रारंभिक जांच में कुछ पुलिसकर्मियों की संभावित संलिप्तता के संकेत मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। आरोप है कि सरकारी धन के गबन की पूरी प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों और कर्मियों की मिलीभगत हो सकती है। इसी पहलू को लेकर एसआईटी विशेष रूप से पड़ताल कर रही है।
सीआईडी अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे ट्रेजरी घोटाले के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी मामले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।