रांची: हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में नामजद आरोपी प्रकाश कुमार सिन्हा और सौरव कुमार को झारखंड हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। गुरुवार को जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने दोनों आरोपियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की पीड़क कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 जुलाई को हजारीबाग स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कार्यालय में उपस्थित होकर जांच में पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अगली सुनवाई तक उन्हें अंतरिम संरक्षण प्रदान किया गया।
सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से अदालत को बताया गया कि वे विवादित जमीन के केवल खरीदार हैं और कथित अनियमितताओं में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। वहीं, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में प्रकाश कुमार सिन्हा और सौरव कुमार को मुख्य आरोपी बनाया है।
क्या है मामला?
मामला हजारीबाग जिले में 28 डिसमिल गैरमजरुआ खास जंगल झाड़ श्रेणी की सरकारी भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से इस सरकारी जमीन का नियमों के विपरीत म्यूटेशन भी करा लिया गया। इस पूरे प्रकरण की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कर रही है। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ाई जा रही है।