रांची: JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अभ्यर्थियों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आंदोलन सोमवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गया है। रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई तीसरे दौर की वार्ता भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। बातचीत विफल होने के बाद छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया है और अब उन्होंने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।
वार्ता में नहीं बनी बात, छात्रों ने बढ़ाया दबाव
रविवार को सरकार के प्रतिनिधिमंडल और आंदोलनकारी छात्रों के बीच घंटों तक बातचीत चली। सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर चर्चा की गई, लेकिन दो प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। बैठक के बाद छात्रों ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
वार्ता बेनतीजा रहने के बाद सोमवार को विधानसभा घेराव का फैसला लिया गया है। इसके लिए सुबह से ही रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के आसपास छात्रों का जुटना शुरू हो गया। राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी राजधानी पहुंच रहे हैं।
हजारों छात्रों का विधानसभा कूच
आंदोलनकारी छात्रों की योजना जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से जुलूस के रूप में विधानसभा की ओर बढ़ने की है। छात्रों के जुटान को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ उनकी लड़ाई सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य और निष्पक्ष नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा मामला है।
विधानसभा के आसपास धारा 163 लागू
संभावित प्रदर्शन को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने नव-निर्मित विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में BNSS की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत निर्धारित क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन, जुलूस, हथियार लेकर चलने और समूह में एकत्र होने जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है, जबकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।
छह लेयर की सुरक्षा, बैरिकेड और कंटीले तार
विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल और त्वरित कार्य बल की तैनाती की गई है। प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से विधानसभा की ओर जाने वाले मार्ग में करीब छह स्थानों पर बड़े बैरिकेड लगाए गए हैं। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग को कंटीले तारों से घेरा गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार निगरानी की जा रही है।
अब टकराव की स्थिति पर सबकी नजर
एक तरफ सरकार और प्रशासन आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ छात्र अपनी मांगों पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। रविवार की वार्ता विफल होने के बाद सोमवार का विधानसभा घेराव आंदोलन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच फिर बातचीत का रास्ता खुलेगा या फिर विधानसभा घेराव के दौरान आंदोलन और ज्यादा उग्र रूप लेगा। फिलहाल रांची में प्रशासन अलर्ट है और हजारों छात्रों की मौजूदगी ने पूरे मामले को हाई-वोल्टेज बना दिया है।