Ranchi: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। JPSC और JSSC की परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं के बाद सरकार ने 22 परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पहले से नियुक्त 2,628 अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है। फैसले के बाद भर्ती परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों के साथ-साथ प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।
2,628 नियुक्तियों पर कार्रवाई
सरकारी फैसले का सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ा है, जिनका चयन संबंधित परीक्षाओं के माध्यम से हो चुका था।
JPSC के 342 चयनित अधिकारी-कर्मचारी इसमें शामिल हैं। इनमें 63 CDPO, 54 Forest Range Officer और 237 महिला पर्यवेक्षिका शामिल हैं।
वहीं JSSC-CGL विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत नियुक्त 1,932 अभ्यर्थियों की नियुक्तियां भी रद्द कर दी गई हैं। प्रभावित अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध शुरू करते हुए अपना पक्ष रखने और निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है।
JPSC की कई अहम परीक्षाएं रद्द
सरकार के फैसले के तहत JPSC की कई महत्वपूर्ण भर्तियों को रद्द किया गया है। इनमें संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, CDPO, Food Safety Officer, छठी लिमिटेड डिप्टी कलेक्टर, JET-2024 सहित कई परीक्षाएं शामिल हैं।
इसके अलावा विश्वविद्यालयों के नॉन-टीचिंग पद, ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट डायरेक्टर, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, इंजीनियरिंग कॉलेजों के असिस्टेंट प्रोफेसर, पॉलिटेक्निक लेक्चरर और मेडिकल कॉलेजों के असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्तियां भी कार्रवाई के दायरे में आई हैं।
17 पुरानी भर्तियों की खुलेगी फाइल
सरकार ने 17 पुरानी भर्तियों की जांच CID को सौंपने का फैसला किया है। इनमें 5वीं संयुक्त सिविल सेवा भर्ती, सिविल जज भर्ती, Soil Conservation Officer, कृषि विभाग के विभिन्न पद, Food Safety Officer, Combined Civil Services, Commercial Tax, Geologist और Chemist, Assistant Public Prosecutor, Combined Assistant Engineer समेत कई पुरानी नियुक्तियां शामिल हैं।
इसके अलावा Combined Civil Services Examination-2021 और Dental Doctors की भर्ती भी जांच के दायरे में रखी गई है।
छह भर्तियों पर फिलहाल रोक
JPSC की छह अन्य भर्ती प्रक्रियाओं को जांच पूरी होने तक रोक दिया गया है। इनमें Food Analyst, Deputy Director Prosecution, Project Manager, Inspector of Factories, Boiler Inspector और Director पद की भर्ती शामिल है। इन परीक्षाओं की शुरुआती प्रक्रिया में TDPL के अलावा अन्य एजेंसी की भूमिका सामने आने के बाद जांच का फैसला लिया गया है।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कमेटी
सरकार ने भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए सुधारों की भी घोषणा की है। IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में अन्य अधिकारियों के साथ किसी प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक को भी शामिल किया जाएगा। कमेटी को दो महीने के भीतर परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
बनेगा विशेष विजिलेंस सेल
भर्ती परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने के लिए एक विशेष विजिलेंस सेल बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में होने वाली अनियमितताओं को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ना और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना होगा। सरकार ने JPSC और JSSC से जुड़े भ्रष्टाचार एवं कदाचार के मामलों की जल्द सुनवाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट से विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करने का भी निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले से झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, जिन अभ्यर्थियों की नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं, उनके अगले कदम और कानूनी विकल्प पर भी अब सभी की नजरें टिकी हैं।