Ranchi: झारखंड में डीएसपी अधिकारियों की वरीयता सूची को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है. Jharkhand High Court के आदेश के बाद राज्य सरकार ने चौथे बैच के डीएसपी अधिकारियों की नई सीनियरिटी सूची जारी कर दी है. इस बदलाव के बाद कई अधिकारी जो पहले जूनियर थे, अब वरिष्ठ हो गए हैं, जबकि कुछ अधिकारियों की रैंकिंग नीचे चली गई है. इसके साथ ही कई अफसरों को प्रोन्नति मिली है और कुछ को वापस मूल पद पर भेज दिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
मामला वर्ष 2010 के विज्ञापन के आधार पर आयोजित JPSC परीक्षा से जुड़ा है. रिट याचिका W.P.(S) No. 2297/2020 एवं अन्य मामलों में सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने 28 जुलाई 2025 को आदेश दिया था कि पुलिस अधिकारियों की वरीयता केवल JPSC परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तय की जाए. अदालत ने 2016, 2017, 2018 और 2024 में जारी पुरानी वरीयता सूचियों को रद्द कर दिया था.
कोर्ट के निर्देश के बाद विभाग ने JPSC की नई मेधा सूची के आधार पर डीएसपी अधिकारियों की सीनियरिटी फिर से तय की. इसी संशोधित सूची के कारण अधिकारियों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव हुआ.
इन अधिकारियों को मिली प्रोन्नति
विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की अनुशंसा पर नौ डीएसपी अधिकारियों को वरीय डीएसपी (ग्रेड पे 6600, पे लेवल-11) के पद पर प्रमोट किया गया है.
नाजीर अख्तर (एसडीपीओ बसिया)
प्रवीण कुमार सिंह (एसडीपीओ चास)
मनीष कुमार (डीएसपी रेल चक्रधरपुर)
नीरज कुमार (एसडीपीओ गढ़वा)
मो. मुजीबुर रहमान (विशेष शाखा, रांची)
विकास आनंद लागुरी (एसडीपीओ जामताड़ा)
अनुज उरांव (डीएसपी सिल्ली)
प्रदीप पॉल कच्छप (डीएसपी एटीएस रांची)
अमित कुमार कच्छप (एसडीपीओ जरमुण्डी, दुमका)
इन अधिकारियों को वापस मूल कोटि में भेजा गया
नई वरीयता सूची लागू होने के बाद नौ अधिकारियों को डिमोट करते हुए मूल कोटि में वापस भेज दिया गया है.
सुमित कुमार (डीएसपी सीसीआर धनबाद)
पुरूषोत्तम Kumar सिंह (एसडीपीओ बाघमारा)
दीपक कुमार (झारखंड जगुआर, रांची)
ज्ञान रंजन (झारखंड जगुआर, रांची)
सुनील कुमार रजवार (झारखंड जगुआर, रांची)
विजय कुमार महतो (एसडीपीओ दुमका)
कौशर अली (डीएसपी मुख्यालय-2 गिरिडीह)
संजीव कुमार बेसरा (डीएसपी सदर रांची)
जीतवाहन उरांव (एसडीपीओ गिरिडीह)
प्रशासनिक महकमे में हलचल
नई अधिसूचना जारी होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है. वरीयता सूची में बदलाव का सीधा असर अधिकारियों की पदोन्नति, पोस्टिंग और भविष्य की प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर पड़ेगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन करते हुए नई सूची लागू की गई है.