रांची: हरियाणा और केरल की तर्ज पर अब झारखंड सरकार भी इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB) के करीब 12 हजार जवानों को सेवा विस्तार देने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसको लेकर गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग में 10 जुलाई को उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में 20 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके IRB जवानों के भविष्य, सेवा विस्तार और उनके समायोजन को लेकर विस्तार से मंथन किया गया। विभाग ने इस संबंध में नई नियमावली तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर हजारों जवानों की नौकरी जारी रह सकेगी।
वर्ष 2005 में नियुक्त किए गए IRB जवानों की सेवा अवधि 20 वर्ष तय की गई थी। उस समय यह प्रावधान था कि सेवा अवधि पूरी होने के बाद उन्हें सामान्य पुलिस बल में समायोजित किया जाएगा, लेकिन इसके लिए कभी स्पष्ट नियम नहीं बनाए गए। अब बड़ी संख्या में जवान 20 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं या पूरी करने वाले हैं, जिससे उनके भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। इसी को देखते हुए सरकार ने सेवा विस्तार और समायोजन के लिए नई नियमावली तैयार कर गृह विभाग को भेज दी है।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार जिन जवानों को पदोन्नति मिली है, उन्हें प्रत्येक प्रमोशन पर दो वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया गया है। वहीं, हाल ही में JAP डीआईजी ने सभी IRB बटालियनों के कमांडेंट से 20 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके जवानों का विस्तृत ब्योरा एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। यह जानकारी सेवा विस्तार की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए जुटाई जा रही है। यदि सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे देती है, तो राज्य के करीब 12 हजार IRB जवानों को राहत मिलेगी और उनकी सेवाएं आगे भी जारी रह सकेंगी।