रांची: टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी मुकेश मित्तल को बड़ी राहत मिली है। निलंबित इंजीनियर-इन-चीफ वीरेंद्र राम के करीबी सहयोगी मित्तल की याचिका पर सुनवाई करते हुए रांची की PMLA स्पेशल कोर्ट ने उन्हें सशरीर उपस्थिति से छूट दे दी है।
गुरुवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने मित्तल की उस अर्जी को मंजूरी दी, जिसमें उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने से राहत मांगी थी।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही वीरेंद्र राम के तीन सहयोगियों—तारा चंद, नीरज मित्तल और राम प्रकाश भाटिया—को गिरफ्तार कर चुका है।
जांच एजेंसी के अनुसार, टेंडर घोटाले से अर्जित अवैध धन को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। आरोप है कि यह रकम चार्टर्ड अकाउंटेंट मुकेश मित्तल के कर्मचारियों और रिश्तेदारों के खातों में भेजी जाती थी, ताकि काले धन को वैध दिखाया जा सके।