रांची: की एजेसी कुलदीप की अदालत में प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़े आरोपी योगेंद्र गंझु की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में 14 जुलाई को आदेश सुनाया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, योगेंद्र गंझु पर मैक्लुस्किगंज, खलारी, टंडवा और पिपरवार इलाके में व्यवसायियों, ईंट भट्ठा संचालकों और ठेकेदारों से फोन और व्हाट्सएप के जरिए लेवी मांगने का आरोप है।
मामले के अनुसार, 13 जुलाई 2025 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मैक्लुस्किगंज थाना क्षेत्र के बक्सी बंगला चट्टी नदी के पास कुछ नक्सली लेवी वसूली की योजना के तहत जुटे हुए हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी धनंजय बैठा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान योगेंद्र गंझु, मुकेश गंझु, मन्नु गंझु और राजकुमार नाहक के रूप में हुई। पूछताछ में पुलिस ने सभी को भाकपा (माओवादी) के सक्रिय सदस्य बताया।
तलाशी के दौरान योगेंद्र गंझु के पास से एक लोडेड देशी पिस्टल, मैगजीन में तीन जिंदा कारतूस तथा प्रतिबंधित माओवादी संगठन के पर्चे और पत्र बरामद किए गए थे। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ रंगदारी, आर्म्स एक्ट और 17 सीएलए एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
अब इस बहुचर्चित मामले में सभी की नजर 14 जुलाई पर टिकी है, जब अदालत योगेंद्र गंझु की जमानत याचिका पर अपना अंतिम फैसला सुनाएगी।