Ranchi: बोकारो की 18 वर्षीय लापता युवती पुष्पा मामले में 14 मई को बड़ा खुलासा हो सकता है. झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर बरामद कंकाल और युवती के माता-पिता के डीएनए सैंपल की जांच केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL), कोलकाता में कराई जा रही है. संभावना जताई जा रही है कि अगली सुनवाई के दौरान अदालत में जांच रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी.
हाईकोर्ट ने पिछले आदेश में स्पष्ट कहा था कि कंकाल और माता-पिता के डीएनए का वैज्ञानिक मिलान कर रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाए. इसके बाद 6 मई को रिम्स से कंकाल का सैंपल और रांची से माता-पिता को एम्स देवघर भेजा गया था, जहां से सैंपल CFSL कोलकाता रवाना किया गया.
मार्च 2025 से लापता है पुष्पा
पुष्पा 19 मार्च 2025 से लापता है. इस मामले में 31 जुलाई 2025 को पिंड्राजोरा थाना में कांड संख्या-147/2025 दर्ज किया गया था. शुरुआती जांच में लापरवाही के आरोप लगने के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी समेत कई लोगों पर कार्रवाई हुई थी. बाद में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद 11 अप्रैल 2026 को जांच एसआईटी को सौंप दी गई.
एसआईटी ने जांच संभालने के 24 घंटे के भीतर एक कंकाल बरामद किया था, जिसे पुलिस ने युवती का बताया. हालांकि परिजनों ने इस दावे पर सवाल उठाए और अदालत में तस्वीरों व तथ्यों के आधार पर कहा कि बरामद कंकाल काफी पुराना प्रतीत होता है. राज्य सरकार ने अदालत में कहा कि सच्चाई केवल वैज्ञानिक जांच से ही स्पष्ट हो सकेगी.
जांच एजेंसियों को हाईकोर्ट की चेतावनी
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि यदि तत्कालीन जांच अधिकारी की संलिप्तता या मौजूदा एसआईटी की लापरवाही सामने आती है, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा.
पुणे कनेक्शन भी जांच के दायरे में
मामले में पुणे कनेक्शन भी सामने आया है. एक संदिग्ध कॉल में दावा किया गया था कि युवती पुणे में मौजूद है. पुलिस ने कॉल करने वाले युवक को हिरासत में लिया था. पूछताछ में उसने कहा कि युवती उसके एक दोस्त के पास है. हालांकि पुणे ले जाने के दौरान आरोपी युवक पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया.
पिंड्राजोरा थाना पर फिर उठे सवाल
इसी बीच पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से एक अन्य नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला भी हाईकोर्ट पहुंच गया है. 16 अक्टूबर 2020 से गायब 14 वर्षीय लड़की की मां उषा झा ने झारखंड हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की है. इस मामले की सुनवाई सोमवार को न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में होनी है.