रांची: छिन्नमस्तिके रजरप्पा मंदिर के सौंदर्यकरण और विस्थापित दुकानदारों से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई. न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायाधीश अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए रामगढ़ उपायुक्त को सशरीर अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था, जिसके बाद डीसी अदालत में उपस्थित हुए.
सुनवाई के दौरान रामगढ़ डीसी ने अदालत को भरोसा दिलाया कि मंदिर सौंदर्यकरण के लिए तैयार डीपीआर को जल्द स्वीकृति दिलाई जाएगी और संबंधित एजेंसी को फंड उपलब्ध कराकर कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा.
अदालत ने जब हटाए गए दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर सवाल उठाया, तब डीसी ने कहा कि प्रभावित दुकानदारों के लिए 15 दिनों के भीतर अस्थायी व्यवस्था कर जगह उपलब्ध करा दी जाएगी. अदालत ने प्रशासन के इस आश्वासन को रिकॉर्ड में लेते हुए दुकानदारों के समुचित पुनर्वास सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
सुनवाई के दौरान सौंदर्यकरण कार्य से जुड़ी कंपनी चड्ढा एसोसिएट के प्रतिनिधि राजीव चड्ढा भी अदालत में उपस्थित हुए. उन्होंने कोर्ट को रजरप्पा मंदिर परिसर के प्रस्तावित विकास कार्यों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े मास्टर प्लान की विस्तृत जानकारी दी. अदालत के समक्ष पूरा मास्टर प्लान प्रस्तुत किया गया, जिस पर कोर्ट ने संतोष जताया.
रामगढ़ डीसी ने अदालत को यह भी बताया कि मास्टर प्लान में दुकानदारों के लिए स्थायी व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है, ताकि भविष्य में उन्हें व्यवस्थित रूप से व्यापार करने की सुविधा मिल सके.