रांची: ईचागढ़ थाने में JKLM नेता तरुण महतो को हिरासत में लेकर कथित कस्टोडियल टॉर्चर किए जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश एस.एम. सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई अहम सवाल उठाए।
अदालत ने प्रधान स्वास्थ्य सचिव से पूछा कि जब तरुण महतो के शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान थे और उन्हें बुरी तरह पीटा गया था, तो चांडिल अनुमंडल अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारी ने उन्हें जेल भेजने से पहले “फिट” कैसे घोषित कर दिया। कोर्ट ने इस कथित झूठी मेडिकल रिपोर्ट पर अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा तलब किया है।
इसके साथ ही अदालत ने संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक से थानों में CCTV कैमरे लगाने की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है, ताकि हिरासत में होने वाली घटनाओं पर निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
दरअसल, इस मामले में तरुण महतो की पत्नी ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर हिरासत में प्रताड़ना का आरोप लगाया था। पत्र पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने स्वतः सुनवाई शुरू की और अब संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।