Ranchi: पृथ्वी दिवस के अवसर पर भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता सह झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने प्रकृति, पर्यावरण और मानव जीवन के गहरे संबंध पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रकृति में निरंतर होने वाला परिवर्तन ही परमात्मा के अस्तित्व का साक्षात प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि आज तेजी से बढ़ती जनसंख्या और अंधाधुंध विकास के कारण पृथ्वी के भूभाग और जंगलों का लगातार विनाश हो रहा है। आधुनिक औद्योगिक और डिजिटल युग में पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, जिसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ने वाला है।
पांडेय ने चेतावनी देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, वनों की कटाई, जैव विविधता का ह्रास, जल, वायु, ध्वनि और खाद्य प्रदूषण जैसे कई खतरे पृथ्वी के संतुलन को बिगाड़ रहे हैं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में मानव और जीव-जंतुओं के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, पुनर्चक्रण, हरित ऊर्जा के उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण और प्लास्टिक के कम इस्तेमाल जैसे उपायों को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही अधिक से अधिक पेड़ लगाने और जल संचयन को बढ़ावा देने की अपील की।
अपने आध्यात्मिक दृष्टिकोण को साझा करते हुए पांडेय ने कहा कि इस सृष्टि में कुछ भी नष्ट नहीं होता, बल्कि हर चीज केवल रूपांतरित होती है। यही परिवर्तन का चक्र परमात्मा के अस्तित्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर कोई स्थिर वस्तु नहीं, बल्कि एक जीवंत ऊर्जा है, जो हर परिवर्तन में विद्यमान है।
अंत में उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे पृथ्वी और पर्यावरण की रक्षा के लिए संकल्प लें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और संतुलित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।