Giridih: झारखंड के गिरिडीह से मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहां 14 महीने की मासूम वामिका पटेल, जो एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी Spinal Muscular Atrophy (SMA) से जूझ रही है, अब उसके इलाज की राह आसान हो गई है।
वामिका के पिता अभिजीत कुमार, जो गिरिडीह में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं, अपनी बेटी के इलाज को लेकर लंबे समय से चिंतित थे। इस बीमारी के इलाज के लिए जिस दवा की जरूरत है, उसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपये है—जो किसी भी सामान्य परिवार के लिए जुटा पाना बेहद मुश्किल है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए झारखंड सरकार ने त्वरित और मानवीय पहल करते हुए बड़ा फैसला लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वामिका के इलाज के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी गई।
सरकार के इस फैसले से न सिर्फ परिवार को बड़ी राहत मिली है, बल्कि पूरे राज्य में इसकी सराहना हो रही है। यह कदम प्रशासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि Spinal Muscular Atrophy जैसी बीमारी में समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है। ऐसे में सरकार की यह पहल वामिका के लिए नई जिंदगी की उम्मीद लेकर आई है। अब सभी की दुआएं इस मासूम के जल्द स्वस्थ होने के साथ जुड़ी हैं।