श्रावणी मेला 2026: कांवड़ियों को मिलेगी बड़ी राहत, बासुकीनाथ–देवघर फोरलेन और समर्पित कांवड़िया पथ का निर्माण तेज

Mahak Kumari
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now
YouTube Channel Subscribe

देवघर: आगामी श्रावणी मेला 2026 को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-114A के बासुकीनाथ–देवघर खंड पर 45.159 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद लाखों कांवड़ियों और आम यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आधुनिक सड़क सुविधा मिलेगी।

श्रावण मास में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिर पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए NHAI पहली बार 36.044 किलोमीटर लंबा और 3.5 मीटर चौड़ा समर्पित कांवड़िया पथ विकसित कर रहा है। इससे कांवड़ियों और सामान्य वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग उपलब्ध होंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और यातायात भी सुचारू रहेगा।

परियोजना के तहत बासुकीनाथ, सहारा, तालझारी, घोरमारा और देवघर बाईपास समेत कुल 28.677 किलोमीटर बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा सर्विस रोड, स्लिप रोड, फ्लाईओवर, रेल ओवर ब्रिज (ROB), अंडरपास और अन्य सड़क सुरक्षा से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

श्रावणी मेले से पहले NHAI ने संबंधित सड़क खंडों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है। सड़क मरम्मत, गड्ढामुक्त मार्ग, जल निकासी व्यवस्था, रिफ्लेक्टिव रोड मार्किंग, सुरक्षा बैरियर, दिशा संकेतक और साफ-सफाई जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। विभिन्न विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर श्रद्धालुओं को निर्बाध और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

NHAI के क्षेत्रीय कार्यालय, रांची के क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि श्रावणी मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का महापर्व है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करना NHAI की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि समर्पित कांवड़िया पथ और फोरलेन परियोजना से सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा तथा मेले के दौरान श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी।

परियोजना पूरी होने के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ मंदिर, त्रिकूट पर्वत समेत क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले से अधिक आसान हो जाएगी। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *