रांची: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। झारखंड पुलिस के समक्ष कुल 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों में कई बड़े और इनामी नक्सली भी शामिल हैं, जो लंबे समय से विभिन्न नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थे।
बड़े इनामी नक्सली भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में 15 लाख रुपये का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य (RCM) संतोष उर्फ बासुदेव दा उर्फ गांधी शामिल है। इसके अलावा 10 लाख रुपये का इनामी चंदन लोहरा और पांच-पांच लाख रुपये के इनामी अनिल तुरी एवं सुखलाल बिरजिया ने भी हथियार छोड़ दिए हैं। इन सभी के खिलाफ कई गंभीर मामलों में पुलिस को तलाश थी।

संगठन के विभिन्न स्तरों के सदस्य लौटे मुख्यधारा में
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले 16 माओवादियों में एक रीजनल कमेटी सदस्य, तीन जोनल कमेटी सदस्य, तीन सब-जोनल कमेटी सदस्य, छह एरिया कमेटी सदस्य और तीन अन्य कैडर शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

लगातार कमजोर हो रहा नक्सली नेटवर्क
झारखंड में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। बीते 21 मई को भी 25 माओवादियों और जेजेएमपी के दो उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। लगातार हो रहे आत्मसमर्पण से राज्य में नक्सली नेटवर्क कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।
अभियान जारी, मुख्यधारा से जुड़ने की अपील
झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दबाव बढ़ाया जा रहा है। पुलिस ने जंगलों में सक्रिय अन्य उग्रवादियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की है।