हजारीबाग: जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने जालसाजी और बैंकिंग धोखाधड़ी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर थाना प्रभारी सपन कुमार महथा के नेतृत्व में गठित टीम ने एक संदिग्ध के घर छापेमारी की। हालांकि पुलिस को देखते ही आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन तलाशी के दौरान भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और बैंकिंग से जुड़े उपकरण बरामद किए गए।
जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई कि एक ही फोटो का इस्तेमाल कर कई पहचान पत्र तैयार किए गए थे। पुलिस को कुल 35 आधार कार्ड मिले, जिनमें गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। आरोपी की पत्नी शहनाज बेगम की तस्वीर का उपयोग कर 6 अलग-अलग आधार कार्ड बनाए गए थे। वहीं कुछ कार्ड ऐसे भी मिले, जिनमें आधार नंबर एक ही था लेकिन नाम और फोटो अलग-अलग थे। इसके अलावा 28 वोटर आईडी कार्ड भी बरामद किए गए, जिनमें एक ही फोटो को अलग-अलग नाम से इस्तेमाल किया गया था।
यह फर्जीवाड़ा केवल पहचान पत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि बैंकिंग सिस्टम तक फैला हुआ था। छापेमारी के दौरान 89 डेबिट कार्ड जब्त किए गए, जिनमें फिनो पेमेंट बैंक, एनएसडीएल पेमेंट बैंक, एसबीआई और बैंक ऑफ इंडिया जैसे विभिन्न बैंकों के कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा 39 पासबुक, 7 चेकबुक, 2 लैपटॉप, डोंगल और मोबाइल फोन भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह सरकारी योजनाओं के लाभुकों को निशाना बनाता था। एक पीड़िता बसंती देवी के नाम पर जारी एनएसडीएल पेमेंट बैंक का डेबिट कार्ड भी बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि उनके आवास योजना की दूसरी किस्त इसी खाते में भेजी गई थी, जिसे आरोपी ने अपने कब्जे में रखा हुआ था।
पुलिस के अनुसार मामला बड़े स्तर के साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि वे अपने आधार, बैंकिंग और अन्य निजी दस्तावेज किसी अजनबी के साथ साझा न करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।