रांची: झारखंड में कानून व्यवस्था को लेकर सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। हाल के वर्षों में राज्य में हत्या के मामलों में लगातार कमी दर्ज की गई है, जो पुलिस की सक्रियता और बेहतर जांच व्यवस्था का परिणाम माना जा रहा है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड में पिछले तीन सालों में हत्या की घटनाओं में गिरावट देखी गई है। वर्ष 2021 में 1573 मामले दर्ज हुए थे, जो 2022 में घटकर 1550 और 2023 में 1463 रह गए।
राज्य का मर्डर रेट प्रति लाख आबादी पर 3.7 दर्ज किया गया है, जो पहले की तुलना में बेहतर स्थिति को दर्शाता है। खास बात यह है कि झारखंड पुलिस ने हत्या से जुड़े मामलों में 76.4 प्रतिशत मामलों में चार्जशीट दाखिल कर जांच प्रक्रिया को भी तेज किया है।
हालांकि, देश के अन्य बड़े राज्यों की स्थिति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। हत्या के मामलों में उत्तर प्रदेश 3206 मामलों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि बिहार 2862 मामलों के साथ दूसरे और महाराष्ट्र 2208 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
वहीं, झारखंड 1463 मामलों के साथ सूची में नीचे की ओर खिसकता दिख रहा है, जो राज्य में बेहतर होती कानून व्यवस्था का संकेत माना जा रहा है।