गिरिडीह: गिरिडीह में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए CGST विभाग के कमिश्नर बुद्धेश्वर सुंडी और GST इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों अधिकारियों को 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए पकड़ा गया। कार्रवाई के बाद CBI ने झारखंड के जमशेदपुर और बिहार के नालंदा स्थित उनके ठिकानों पर भी छापेमारी की।
तीन साल से GST मामले में परेशान था कारोबारी
जानकारी के अनुसार बिरनी प्रखंड के खाती गांव निवासी राजू अंसारी सरकारी योजनाओं में ईंट, बालू और गिट्टी सप्लाई का काम करते हैं। राजू का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से उन्हें करीब तीन करोड़ रुपये के GST बिल मामले में परेशान किया जा रहा था। हाल ही में उन्हें 90 लाख रुपये के बिल भुगतान से जुड़ा नोटिस भेजा गया था।
90 हजार की मांग, 65 हजार में तय हुई डील
पीड़ित के मुताबिक जब उन्होंने GST इंस्पेक्टर बिरजू कुमार से संपर्क किया तो उन्हें कमिश्नर बुद्धेश्वर सुंडी के पास भेजा गया। आरोप है कि अधिकारियों के साथ अनीस कुमार नाम का एक बाहरी व्यक्ति भी इस पूरे खेल में शामिल था। शुरुआत में 90 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई, लेकिन बाद में सौदा 65 हजार रुपये में तय हुआ। पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये देने की बात हुई थी।
माले नेता की शिकायत पर हरकत में आई CBI
राजू अंसारी ने मामले की जानकारी भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा को दी। इसके बाद शिकायत CBI तक पहुंची। धनबाद CBI के एसपी भंवरलाल मीणा के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। DSP रघुनाथ कुमार के नेतृत्व में करीब 15 अधिकारियों की टीम ने गिरिडीह GST कार्यालय में जाल बिछाया।
लिफाफा लेते ही दबोचे गए दोनों अधिकारी
योजना के तहत राजू अंसारी बुधवार को 50 हजार रुपये लेकर GST कार्यालय पहुंचे। कमिश्नर के इशारे पर उन्होंने रिश्वत से भरा लिफाफा इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को सौंपा। जैसे ही पैसे का लेन-देन हुआ, पहले से मौजूद CBI टीम ने दोनों अधिकारियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
देर रात तक चली छापेमारी और जांच
गिरफ्तारी के बाद CBI ने GST कार्यालय में देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया। कई अहम दस्तावेज और कंप्यूटर हार्ड डिस्क की जांच की गई। वहीं जमशेदपुर और नालंदा स्थित आवासों पर भी एक साथ रेड की गई। फिलहाल दोनों अधिकारियों से धनबाद में पूछताछ जारी है।