रांची: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए इसे देश के लिए “गौरवपूर्ण कालखंड” बताया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के कारण पिछले वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलने में सफल हुए हैं।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 50 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला है, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लगभग 4 करोड़ गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आज देश के 22 राज्यों में एनडीए की सरकार है, जो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और जनता के विश्वास को दर्शाता है। मरांडी ने मोदी के कार्यकाल को “सत्ता साधना नहीं, बल्कि तपस्या का कालखंड” बताया।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस कश्मीर में कभी रेल संपर्क की कल्पना नहीं की जाती थी, वहां आज श्रीनगर तक ट्रेन पहुंच चुकी है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में भी सड़क, रेल और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।
मरांडी ने अनुच्छेद 370 को हटाने और तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने जैसे फैसलों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इन निर्णयों ने देश की एकता और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत किया है।
उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और सैन्य क्षमता का परिचय दिया है। साथ ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश में ही आधुनिक रक्षा उपकरणों का निर्माण बढ़ा है।
कोरोना महामारी के दौर का उल्लेख करते हुए मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने इस संकट का प्रभावी ढंग से सामना किया और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों तक सहायता पहुंचाई।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय तक शासन करने के बावजूद पार्टी गांवों और शहरों के समग्र विकास के लिए ठोस कार्य नहीं कर सकी। उन्होंने दावा किया कि 2014 से पहले वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति कमजोर थी, जबकि आज देश दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।