पाकुड़: जिले के इलामी पंचायत में DMFT कोष से कराए गए PCC सड़क और गार्डवाल निर्माण की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। करीब 95 लाख रुपये की लागत वाले इन कार्यों में कथित अनियमितता और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। मरांडी ने अपने पत्र में इलामी से बागानपाड़ा तक बनाई गई PCC सड़क और गार्डवाल का जिक्र करते हुए कहा है कि निर्माण के कुछ ही महीनों बाद सड़क कई जगह क्षतिग्रस्त होकर गड्ढों और दरारों में बदल गई। ग्रामीणों की ओर से दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पहले से मौजूद PCC सड़क के ऊपर महज करीब चार इंच की अतिरिक्त ढलाई की गई।
गार्डवाल की मजबूती पर भी सवाल
ग्रामीणों ने गार्डवाल के निर्माण में भी कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, गार्डवाल के फाउंडेशन की गहराई करीब पांच इंच रखी गई। इसके अलावा घटिया बोल्डर, कम मात्रा में बोल्डर, कम सीमेंट और खराब गुणवत्ता वाली बालू के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है।
दूसरे गार्डवाल में भी अनियमितता का आरोप
मरांडी ने वर्ष 2025 में इसी पंचायत में सतार मौलवी के घर के पास बनाए गए एक अन्य गार्डवाल का मामला भी उठाया है। आरोप है कि करीब 95 लाख रुपये के प्राक्कलन वाले इस कार्य में 150 फीट गार्डवाल का निर्माण होना था, लेकिन लगभग 50 फीट काम करने के बाद निर्माण रोक दिया गया और पूरी राशि की निकासी कर ली गई।
जांच टीम गठित करने की मांग
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से DMFT कोष से बनाए गए PCC पथ और गार्डवाल की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष टीम गठित करने की मांग की है। उन्होंने DPR के अनुरूप निर्माण, इस्तेमाल की गई सामग्री, कार्य की वास्तविक स्थिति और कार्यकारी एजेंसी की भूमिका की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने जांच में दोषी पाए जाने वाले संवेदक, अभियंता और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा कार्रवाई की जानकारी उन्हें उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया है।