रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया। विपक्षी सदस्यों ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर विरोध जताया और सदन में हंगामा किया।
विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश कर दिया। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन के पटल पर 8,399 करोड़ 31 लाख 11 हजार रुपये का अनुपूरक बजट रखा।
सरकार की ओर से बजट पेश किए जाने के दौरान विपक्ष लगातार JPSC-JSSC के मुद्दे को लेकर अपनी आवाज बुलंद करता रहा। विपक्ष का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अभ्यर्थियों की समस्याओं पर सदन में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
बैंकर्स समिति की रिपोर्ट भी सदन में पेश
अनुपूरक बजट के साथ वित्त मंत्री ने बैंकर्स समिति का वार्षिक प्रतिवेदन भी विधानसभा में पेश किया। राधाकृष्ण किशोर ने इसे सदन की कार्यवाही में एक नई पहल बताते हुए कहा कि इस तरह की रिपोर्ट विधानसभा में रखने की परंपरा पहली बार शुरू की जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि देश के किसी अन्य राज्य की विधानसभा में अब तक बैंकर्स समिति का वार्षिक प्रतिवेदन सदन के पटल पर पेश नहीं किया गया है।
महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की तैयारी
वहीं, सदन में जारी हंगामे के बीच विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होनी है। उन्होंने सदन की कार्यवाही के दौरान जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को जरूरी बताया।
JPSC-JSSC विवाद के बीच अनुपूरक बजट का पेश होना मानसून सत्र के दूसरे दिन की अहम राजनीतिक घटनाओं में शामिल रहा। एक ओर विपक्ष भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है, तो दूसरी ओर सरकार ने वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए अनुपूरक बजट सदन में पेश किया है।