हजारीबाग: जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात पुलिस और कुख्यात राहुल दुबे गैंग के अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। चंद्रगुप्त माइंस के समीप हुई इस कार्रवाई में पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक अपराधी के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका एक साथी भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ हथियारबंद अपराधी इलाके में घूम रहे हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही केरेडारी पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान चंद्रगुप्त माइंस के पास संदिग्ध बाइक सवार पुलिस के रडार पर आए।
रोकने पर अपराधियों ने खोला मोर्चा
पुलिस टीम ने जब बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया तो वे भागने लगे। पीछा करने पर अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में कार्रवाई की, जिसमें एक अपराधी घायल हो गया। मौके से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पहचान छिपाने की कोशिश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी पूछताछ के दौरान लगातार अलग-अलग नाम बता रहे हैं। उनकी वास्तविक पहचान और आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इनका संबंध राहुल दुबे गिरोह के किन-किन सदस्यों से है।
पूरे इलाके में छापेमारी जारी
केरेडारी थाना प्रभारी वेद प्रकाश ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। पुलिस को संदेह है कि गिरोह के अन्य सदस्य भी आसपास मौजूद हो सकते हैं।
पूछताछ के बाद हो सकता है बड़ा खुलासा
फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों की पहचान और बरामद हथियारों के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। माना जा रहा है कि पूछताछ पूरी होने के बाद इस गिरोह की गतिविधियों और संभावित साजिश को लेकर बड़ा खुलासा हो सकता है।