रांची: झारखंड हाईकोर्ट परिसर में प्रस्तावित फुटबॉल ग्राउंड निर्माण को लेकर विवाद अब न्यायिक स्तर तक पहुंच गया है। इस मुद्दे पर असहमति जताते हुए हाईकोर्ट के वकीलों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है और एक याचिका दायर कर निर्माण प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग की है।
गुरुवार को इस याचिका का उल्लेख (मेंशन) मुख्य न्यायाधीश की अदालत में किया गया, जहां याचिकाकर्ताओं की ओर से मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध किया गया। अदालत ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई के लिए 27 जुलाई (सोमवार) की तारीख तय कर दी।
हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी के महासचिव नवीन कुमार ने बताया कि बड़ी संख्या में अधिवक्ता सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद रहे। याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट परिसर की खाली जमीन का उपयोग फुटबॉल ग्राउंड के बजाय अधिवक्ताओं की सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाना चाहिए।
वकीलों का तर्क है कि वर्तमान में उपलब्ध चैंबर और बैठने की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, विशेषकर नए अधिवक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में खाली भूमि पर फुटबॉल ग्राउंड बनाने के बजाय नए चैंबर और अधिवक्ताओं के लिए कार्यस्थल विकसित किया जाना अधिक व्यावहारिक और आवश्यक होगा।
अब इस मामले पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस की बेंच सोमवार को महत्वपूर्ण फैसला या निर्देश दे सकती है।