रांची: के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत को राज्य सरकार ने बताया कि मंदिर की सुरक्षा को और मजबूत करते हुए अब परिसर में 24 घंटे चार सशस्त्र जवानों की स्थायी तैनाती कर दी गई है। ये जवान मंदिर की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सुनवाई के दौरान झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड ने मंदिर के बेहतर प्रबंधन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने हेतु अदालत से दो सप्ताह का समय मांगा। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को निर्धारित की।
यह मामला जगन्नाथपुर मंदिर की सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़ा है, जिस पर मंदिर प्रबंधन की ओर से हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई है। हाल ही में मंदिर परिसर में चोरी की नीयत से घुसे अपराधियों ने रात्रि प्रहरी बिरसा मुंडा की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे।
घटना के मद्देनजर हाईकोर्ट ने रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक को मंदिर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। अब आगामी रथ मेले को देखते हुए राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करते हुए चार सशस्त्र जवानों की स्थायी तैनाती का निर्णय लिया है, जिसे श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।