रांची: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से जुड़े 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी विवाद मामले में मद्रास हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति के. गोविंदराजन थिलाकवाड़ी की पीठ ने सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार की ओर से दायर तीन नई याचिकाओं पर धोनी को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।
2013 के IPL विवाद से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला 2013 में सामने आए आईपीएल सट्टेबाजी विवाद से जुड़ा है। आरोपों को लेकर एक टेलीविजन बहस के दौरान जी. संपत कुमार ने धोनी पर विवाद में शामिल होने का आरोप लगाया था। इसके बाद धोनी ने वर्ष 2014 में मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए 100 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी। मामले की पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने सीडी में मौजूद सामग्री को लिखित दस्तावेज के रूप में तैयार करने का निर्देश दिया था। इसके लिए पिछले साल फरवरी में धोनी को अनुवाद और टाइपिंग पर आने वाले करीब 10 लाख रुपये के खर्च को वहन करने का आदेश भी दिया गया था।
संपत कुमार ने रखीं तीन मांगें
इसी मामले में संपत कुमार की ओर से तीन हस्तक्षेप याचिकाएं दाखिल की गई हैं। याचिकाओं में मांग की गई है कि महेंद्र सिंह धोनी का बयान किसी न्यायिक अधिकारी की निगरानी में रिकॉर्ड किया जाए। इसके अलावा गवाही की अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग कराने और उसकी प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
याचिकाओं में यह भी आग्रह किया गया है कि धोनी की गवाही अदालत परिसर या किसी सरकारी भवन में ही दर्ज कराई जाए। अब हाईकोर्ट ने धोनी को इन याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।