रांची: झारखंड विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र गुरुवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण माहौल में प्रारंभ हुई। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सभी सदस्यों से जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक और सार्थक चर्चा करने की अपील की। अपने संबोधन में स्पीकर ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनता की समस्याओं और राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मानसून सत्र जनकल्याणकारी फैसलों और रचनात्मक बहस के लिए याद किया जाएगा। सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सभापति पैनल और कार्यमंत्रणा समिति के सदस्यों की भी घोषणा की। कार्यमंत्रणा समिति की अध्यक्षता स्वयं स्पीकर करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों को समिति में शामिल किया गया है। इसके अलावा कई विधायकों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस मानसून सत्र का सबसे अहम एजेंडा वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट पेश करना रहेगा। इसके साथ ही चार कार्यदिवसों में प्रश्नकाल आयोजित होगा, जिसमें विधायक सरकार से विभिन्न विभागों से जुड़े जनहित के मुद्दों पर जवाब मांगेंगे। विपक्ष भी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपने कार्यों और उपलब्धियों को सदन में रखने की रणनीति के साथ उतरेगी।पांच दिनों तक चलने वाला यह सत्र राज्य की राजनीति और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों और बहसों का गवाह बनने की उम्मीद है।