BIT Mesra में खत्म हुआ Home State Quota! अब झारखंड के छात्रों के लिए बढ़ी मुश्किलें

Mahak Kumari
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now
YouTube Channel Subscribe

रांची: स्थित Birla Institute of Technology, Mesra से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का सपना देखने वाले झारखंड के छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। संस्थान में वर्षों से लागू Home State Quota व्यवस्था अब खत्म होने की कगार पर है। मीडिया रिपोर्ट्स और शैक्षणिक दस्तावेजों के अनुसार, BIT Mesra में 2026-27 सत्र से 100 प्रतिशत सीटों पर All India Quota (AIQ) के तहत दाखिले की तैयारी चल रही है।

अब तक BIT Mesra में लगभग 50 प्रतिशत सीटें झारखंड के छात्रों के लिए Home State Quota के तहत आरक्षित रहती थीं। इससे राज्य के विद्यार्थियों को JEE Main में अपेक्षाकृत कम रैंक पर भी प्रवेश का मौका मिल जाता था। संस्थान की आधिकारिक Reservation Roster में भी Home State और All India Quota दोनों का जिक्र मौजूद है।

लेकिन अब स्थिति बदल सकती है। बताया जा रहा है कि झारखंड सरकार और संस्थान के बीच हुआ पुराना MoU समाप्त हो चुका है, जिसके बाद सभी सीटों को JoSAA और CSAB काउंसलिंग के जरिए All India Quota में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

झारखंड के छात्रों पर क्या होगा असर?

Home State Quota खत्म होने का सबसे बड़ा असर झारखंड के छात्रों पर पड़ेगा। अब उन्हें देशभर के छात्रों के साथ सीधे मुकाबले में उतरना होगा। खासकर CSE, AI, ECE जैसी लोकप्रिय शाखाओं में कटऑफ और अधिक ऊंचा जा सकता है। पहले जहां राज्य के छात्रों को रैंक में राहत मिल जाती थी, अब वही सीटें All India Competition में चली जाएंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे BIT Mesra में दाखिला पाना झारखंड के मध्यम वर्गीय और ग्रामीण छात्रों के लिए और कठिन हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, अन्य राज्यों के छात्रों के लिए सीटों की संख्या बढ़ने से प्रवेश के अवसर बढ़ेंगे।

कटऑफ में भी आ सकता है बड़ा बदलाव

पिछले वर्षों के आंकड़ों में Home State और All India Quota की कटऑफ में बड़ा अंतर देखने को मिला था। कई शाखाओं में झारखंड के छात्रों को काफी कम रैंक पर सीट मिल जाती थी। लेकिन 100% AIQ लागू होने के बाद कटऑफ राष्ट्रीय स्तर पर तय होगा, जिससे प्रतिस्पर्धा और तेज हो जाएगी।

छात्रों और अभिभावकों में चिंता

इस खबर के सामने आने के बाद झारखंड के छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया और छात्र समूहों में लगातार इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है। कई छात्र इसे राज्य के विद्यार्थियों के हितों के खिलाफ बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *