जयराम महतो की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस एसोसिएशन सख्त, 5 दिनों का अल्टीमेटम; कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन

Mahak Kumari
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धनबाद/रांची: डुमरी विधायक और JLKM प्रमुख जयराम महतो को लेकर झारखंड में पुलिस संगठन और विधायक के बीच विवाद और गहराता जा रहा है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने बरवाअड्डा थाना प्रभारी के साथ कथित दुर्व्यवहार और धमकी के मामले में जयराम महतो समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। एसोसिएशन ने इसके लिए पांच दिनों का अल्टीमेटम दिया है। तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर राज्यभर में आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

बरवाअड्डा थाना कांड का मामला

एसोसिएशन के मुताबिक, 21 अगस्त की रात बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार से कथित तौर पर फोन पर अभद्र भाषा और धमकी देने का मामला सामने आया था। इसके बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे थे। एसोसिएशन ने थाना परिसर में भी कथित रूप से अभद्र व्यवहार और सामान को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। इन आरोपों को लेकर 22 अगस्त को बरवाअड्डा थाना में कांड संख्या 146/26 दर्ज की गई थी।

पांच दिन में गिरफ्तारी की मांग

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने धनबाद के एसएसपी को पत्र भेजकर जयराम महतो समेत अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने और पांच दिनों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा है कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होती है तो राज्य की विभिन्न शाखाओं और सदस्यों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।

पुलिसकर्मियों के सम्मान का मुद्दा

एसोसिएशन ने पूरे मामले को पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के सम्मान एवं सुरक्षा से जोड़ते हुए नाराजगी जताई है। संगठन का कहना है कि घटना के बाद पुलिसकर्मियों में आक्रोश है। पत्र की प्रतियां राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, गृह विभाग के प्रधान सचिव और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।

जयराम महतो ने आरोपों को बताया गलत

वहीं, जयराम महतो ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने थाना परिसर में मारपीट जैसी किसी घटना से इनकार करते हुए मामले में सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल इस विवाद में पुलिस एसोसिएशन के अल्टीमेटम के बाद आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजर है। यदि पांच दिनों के भीतर गिरफ्तारी को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जाता है, तो पुलिस संगठन आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

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