रांची: मां रजरप्पा मंदिर सौंदर्यकरण और अतिक्रमण हटाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अदालत में सशरीर उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने अदालत को बताया कि आदेश के अनुपालन में मंदिर परिसर से सभी अतिक्रमण हटा दिए गए हैं।
अदालत को यह भी जानकारी दी गई कि हटाए गए दुकानदारों के लिए दो सप्ताह के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, स्थायी पुनर्वास तक दुकानदारों को बसाने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जो स्थल निरीक्षण कर 200 मीटर के दायरे में स्थायी दुकानों के लिए जगह चिन्हित करेगी।
मंदिर परिसर के सौंदर्यकरण और दुकानदारों के स्थायी पुनर्वास के लिए योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत संबंधित एजेंसी को प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और रास्तों को सुगम बनाया जा सके।
गौरतलब है कि इस मामले में दायर जनहित याचिका में मंदिर परिसर से नदी तक जाने वाले मार्ग को आसान बनाने और प्रभावित दुकानदारों के तत्काल पुनर्वास की मांग की गई थी। आरोप है कि रामगढ़ प्रशासन ने बिना पुनर्वास के ही दुकानों को हटाने की कार्रवाई की, जिसके खिलाफ याचिका दाखिल की गई।
हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को पुनर्वास सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 11 मई 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें रामगढ़ के उपायुक्त को फिर से अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।