नई दिल्ली: देश आज 80वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पूरे जोश और देशभक्ति के माहौल में मना रहा है। स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया और देशवासियों को संबोधित किया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। ध्वजारोहण के बाद स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी गई। भारतीय वायुसेना के Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने भी लाल किले के ऊपर से पुष्पवर्षा की।

‘वंदे मातरम्’ के 150 साल, समारोह में दिखी खास झलक
इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को विशेष स्थान दिया गया। राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लाल किले पर इसका गायन हुआ। ज्ञानपथ पर सेना, नौसेना, वायुसेना के कैडेट्स और युवाओं समेत करीब 2,500 प्रतिभागियों ने ‘वंदे मातरम्’ की मानव आकृति बनाकर देशभक्ति का संदेश दिया। समारोह की मुख्य थीम ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ और ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ रही।
2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के लिए आने वाले 25 वर्ष निर्णायक हैं। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए देश को अपनी विकास गति और तेज करनी होगी। उन्होंने युवाओं को देश के भविष्य का सबसे बड़ा आधार बताया।
ऊर्जा और परमाणु क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में AI और डेटा सेंटर जैसी तकनीकों के विस्तार के साथ बिजली की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत की योजनाओं का जिक्र किया और पांच नए न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने की दिशा में चल रहे प्रयासों की जानकारी दी। फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में उपलब्धि को भी उन्होंने देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम बताया।
मोबाइल से लेकर डिजिटल पेमेंट तक बढ़ी रफ्तार
पीएम मोदी ने पिछले वर्षों की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे कोच निर्माण और मोबाइल फोन उत्पादन में तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन निर्माण में करीब 33 गुना और डिजिटल ट्रांजैक्शन में लगभग 100 गुना वृद्धि हुई है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में भी कई गुना बढ़ोतरी का उल्लेख किया गया।
40 से ज्यादा देशों के साथ व्यापार साझेदारी का जिक्र
प्रधानमंत्री ने वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से दुनिया के करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और व्यापार साझेदारियां आगे बढ़ी हैं। उन्होंने MSME सेक्टर से इन अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
‘आत्मनिर्भर भारत’ को बताया राष्ट्रीय ताकत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को अपनी जरूरतों और राष्ट्रीय हितों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा। रक्षा, ऊर्जा, तकनीक और उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को उन्होंने देश की सुरक्षा और सामर्थ्य से जोड़ा। स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने साफ संदेश दिया कि 2047 का विकसित भारत केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव से तैयार होगा।